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बिहार में आंधी-बारिश से पारा धड़ाम, 19 जिलों पर फिर मौसम का खतरा; IMD ने जारी किया येलो अलर्ट
- Reporter 12
- 09 Apr, 2026
बारिश ने दिलाई गर्मी से राहत, लेकिन आज फिर बिगड़ सकता है बिहार का मौसम; कई जिलों में आंधी-बिजली की चेतावनी
पटना/आलम की खबर:भीषण गर्मी से झुलस रहे बिहार को अचानक मौसम ने ऐसी राहत दी है, जिसकी लोगों को कई दिनों से प्रतीक्षा थी। तेज आंधी, बारिश और बदले मौसम के असर से राज्य के कई हिस्सों में तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। बुधवार को हुई बारिश और धूलभरी हवाओं के बाद गुरुवार की सुबह बिहार के कई शहरों में मौसम अपेक्षाकृत सुहाना महसूस किया गया। हालांकि यह राहत पूरी तरह बेफिक्र करने वाली नहीं है, क्योंकि मौसम विभाग ने साफ संकेत दिया है कि राज्य के कई जिलों में आज भी मौसम का मिजाज फिर से बिगड़ सकता है। तेज हवा, मेघगर्जन, बिजली चमकने और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना को देखते हुए भारतीय मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है।
राजधानी पटना समेत कई इलाकों में सुबह से ठंडी हवाएं महसूस की गईं और रुक-रुक कर बूंदाबांदी जैसे हालात ने तपते मौसम को अचानक थाम दिया। कुछ दिन पहले तक जहां लोग दोपहर की लू और चिलचिलाती धूप से परेशान थे, वहीं अब वातावरण में नमी और बादलों की आवाजाही ने मौसम को बिल्कुल अलग रंग दे दिया है। लेकिन मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि यह बदलाव अस्थायी है और अगले 24 से 48 घंटों में मौसम फिर करवट ले सकता है।
आज इन जिलों में ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत
मौसम विभाग की चेतावनी के अनुसार, उत्तर और पूर्वी बिहार के कई जिलों में आज आंधी, गरज-चमक और बारिश का प्रभाव देखने को मिल सकता है। जिन इलाकों पर ज्यादा नजर रखी जा रही है, उनमें सीतामढ़ी, मधुबनी, सुपौल, अररिया, किशनगंज, पूर्णिया, कटिहार, दरभंगा, समस्तीपुर, वैशाली, मुजफ्फरपुर, भागलपुर, बांका और जमुई जैसे जिले प्रमुख हैं। इन क्षेत्रों में तेज हवा के साथ मौसम अचानक खराब हो सकता है, जिससे जनजीवन प्रभावित होने की आशंका बनी हुई है।
मौसम विभाग ने यह भी संकेत दिया है कि कई जगहों पर हवा की रफ्तार 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जबकि कुछ स्थानों पर इससे अधिक झोंके भी महसूस किए जा सकते हैं। ऐसे हालात में खुले में खड़े वाहन, कमजोर पेड़, अस्थायी ढांचे, टीन-शेड और बिजली के पोल जैसी चीजें खतरे का कारण बन सकती हैं। ग्रामीण इलाकों और खेतों में काम कर रहे लोगों के लिए भी विशेष सावधानी की सलाह दी गई है।
बारिश के बाद बिहार में तापमान में बड़ी गिरावट
बुधवार की बारिश का सबसे बड़ा असर तापमान पर देखने को मिला। पिछले 24 घंटों के भीतर बिहार के कई हिस्सों में पारा अचानक नीचे आया है, जिससे लोगों को तपिश से राहत मिली। मौसम में यह गिरावट इतनी तेज रही कि कई स्थानों पर दिन का तापमान सामान्य से काफी नीचे महसूस किया गया। गर्म हवाओं और उमस से परेशान लोगों के लिए यह बदलाव किसी राहत भरे विराम से कम नहीं रहा।
राज्य के पश्चिमी और उत्तरी हिस्सों में तापमान में सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज की गई। कई जिलों में अधिकतम तापमान 8 से 13 डिग्री सेल्सियस तक नीचे आने की चर्चा रही, जिसने गर्मी के तेवर को अचानक धीमा कर दिया। हालांकि विशेषज्ञ मानते हैं कि अप्रैल के मौसम में ऐसी गिरावट लंबे समय तक स्थिर नहीं रहती और जैसे ही बादल छंटते हैं, गर्मी फिर तेजी से लौट सकती है।
जमुई और आसपास के इलाकों में दोपहर में छाया अंधेरा
बुधवार को बिहार के कई हिस्सों में मौसम ने ऐसा रूप दिखाया, जिसने लोगों को चौंका दिया। खासकर जमुई और आसपास के क्षेत्रों में दोपहर के समय ही आसमान पर काले बादल इस तरह छा गए कि कई जगहों पर शाम या रात जैसा दृश्य महसूस होने लगा। तेज धूलभरी आंधी और उसके बाद हुई बारिश ने सामान्य गतिविधियों को कुछ समय के लिए थाम दिया।
कई इलाकों में तेज हवा के कारण सड़क पर दृश्यता प्रभावित हुई, जबकि कुछ जगहों पर लोगों को जल्दबाजी में दुकानों, घरों और सुरक्षित स्थानों की ओर भागना पड़ा। मौसम के इस अचानक बदले मिजाज ने यह साफ कर दिया कि फिलहाल बिहार में प्री-मानसून गतिविधियां पूरी तरह सक्रिय मोड में दिखाई दे रही हैं। ऐसी स्थिति में मौसम का अचानक बिगड़ना और फिर कुछ घंटों में साफ हो जाना सामान्य हो सकता है।
राहत के साथ बढ़ी किसानों की चिंता
जहां एक ओर शहरों और कस्बों में लोगों ने बारिश और ठंडी हवा का स्वागत किया, वहीं दूसरी ओर इस बदले मौसम ने किसानों की चिंता भी बढ़ा दी है। इस समय खेतों में खड़ी फसल, कटाई के बाद खुले में रखा अनाज, सब्जियों की खेती और बागवानी से जुड़े किसानों के लिए तेज हवा और बारिश नुकसानदेह साबित हो सकती है। खासकर उन इलाकों में जहां कटाई या फसल सुखाने का काम चल रहा है, वहां मौसम की यह अनिश्चितता परेशानी बढ़ा सकती है।
बिजली चमकने और तेज हवा की स्थिति ग्रामीण इलाकों में पशुपालकों और खेतिहर मजदूरों के लिए भी जोखिम भरी हो सकती है। इसलिए मौसम विभाग और प्रशासन दोनों की ओर से यह सलाह दी जा रही है कि मौसम खराब होने की स्थिति में खेत, खुले मैदान, पेड़ों के नीचे और बिजली के खंभों के पास रुकने से बचें।
पटना में भी मौसम ने बदला रंग
राजधानी पटना में भी बुधवार के बाद मौसम का असर साफ महसूस किया गया। जहां पिछले दिनों दिन के समय गर्मी परेशान कर रही थी, वहीं अब सुबह और दोपहर के बीच मौसम अपेक्षाकृत नरम दिखाई दिया। हल्की हवा और बादलों की आवाजाही ने शहरवासियों को राहत का एहसास कराया। हालांकि मौसम विभाग की चेतावनी यह भी है कि पटना और आसपास के क्षेत्रों में भी अचानक बादल, हल्की बारिश या गरज-चमक जैसी गतिविधियां हो सकती हैं।
शहरी क्षेत्रों में मौसम बिगड़ने का असर ट्रैफिक, बिजली आपूर्ति और दैनिक आवाजाही पर भी पड़ सकता है। ऐसे में वाहन चालकों, स्कूल-कॉलेज जाने वाले छात्रों और दफ्तर आने-जाने वालों को थोड़ी अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है।
IMD का संकेत: राहत ज्यादा दिन टिकने वाली नहीं
मौसम विभाग के ताजा आकलन के अनुसार, जो सिस्टम फिलहाल बिहार में बारिश और तेज हवाओं की वजह बना हुआ है, वह धीरे-धीरे कमजोर पड़ सकता है। इसका मतलब यह है कि मौजूदा ठंडक और राहत ज्यादा लंबी नहीं चल सकती। जैसे ही बादल हटेंगे और आसमान साफ होगा, तापमान में फिर बढ़ोतरी शुरू हो सकती है। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि अगले एक-दो दिनों के बाद बिहार में धूप का असर फिर तेज हो सकता है और अधिकतम तापमान दोबारा ऊपर चढ़ने लगेगा। IMD के अखिल भारतीय बुलेटिन में 9 अप्रैल को बिहार में गरज-चमक और 30-50 किमी/घंटा की तेज हवाओं की संभावना जताई गई है। �
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यानी फिलहाल जो राहत मिली है, उसे स्थायी बदलाव मान लेना जल्दबाजी होगी। बिहार में अप्रैल का मौसम अक्सर यही संकेत देता है—एक तरफ तेज गर्मी, दूसरी तरफ अचानक आंधी और बारिश। यही उतार-चढ़ाव आने वाले दिनों में भी देखने को मिल सकता है।
लोगों के लिए क्या है जरूरी सावधानी?
मौसम के इस बदलते दौर में लोगों को कुछ जरूरी एहतियात बरतने की सलाह दी जा रही है। गरज-चमक के समय खुले मैदान में न जाएं, पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचें, बिजली के खंभों और खुले तारों से दूरी बनाए रखें। बाइक सवार और सड़क पर सफर करने वाले लोग मौसम खराब होते ही सुरक्षित जगह रुकें। किसान खेतों में काम करते समय आसमान के बदलते हालात पर लगातार नजर रखें।
अगर तेज हवा या बारिश शुरू हो जाए, तो खिड़कियां-दरवाजे सुरक्षित रखें और घर की छत या खुले हिस्से में रखे हल्के सामान को पहले से सुरक्षित कर लें। बच्चों और बुजुर्गों को भी खराब मौसम के दौरान घर के भीतर रखना ज्यादा सुरक्षित माना जाता है।
राहत भी, चेतावनी भी
कुल मिलाकर बिहार में मौसम ने फिलहाल गर्मी पर ब्रेक जरूर लगाया है, लेकिन यह राहत पूरी तरह सुरक्षित नहीं है। एक तरफ लोगों को भीषण तपिश से राहत मिली है, तो दूसरी तरफ आंधी, बिजली और बारिश का खतरा भी साथ आया है। इसलिए आने वाले कुछ घंटे बिहार के कई जिलों के लिए महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। मौसम विभाग की चेतावनी को हल्के में लेने के बजाय सतर्क रहना ही समझदारी होगी।
फिलहाल बिहार में मौसम का संदेश साफ है—गर्मी थोड़ी थमी है, लेकिन खतरा अभी टला नहीं है।
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